Thursday, January 24, 2019

वक़्त

कितना भी पकड़ लो फिसलता जरूर है,
 ये वक्त !  है  साहब  बदलता  जरूर है

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उम्मीद

 है ख़ुशी इंतिज़ार की हर दम हम जब भी मिलेंगे तूफान करेंगे✍️